कैश की हो सकती है किल्लत!
कैश की हो सकती है किल्लत ! बैंक कर्मियों की ओर से घोषित दो दिवसीय हड़ताल का आज दूसरा व अंतिम दिन है। आज भी राज्यभर के विभिन्न शाखाओं के बाहर बैंक कर्मी अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह हड़ताल केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न सरकारी उपक्रमों सहित बैंकों में निजीकरण को बढ़ावा देने के विरोध में की जा रही है। कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में अलग-अलग बैंकों के मुख्यालय पर बैनर पोस्टर के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। बैंकों की हड़ताल के कारण पिछले 4 दिनों से वित्तीय सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं। एटीएम में ड्राई हो गए है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को बैंकों में अवकाश रहा। सोमवार से आंदोलन प्रारंभ हो गया। लिहाजा एटीएम में कैश रीफिल नहीं हो सका। शहर के अधिकांश इलाकों में स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम में शटर गिरे हुए हैं। लोग आनलाइन ट्रांजैक्शन से अपना काम चला रहे हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया तो वह भविष्य में भी आंदोलन को जारी रखेंगे।